वो चिड़िया कहाँ गयी …..मेरे आँगन की ?
जो मेरे बचपन में फुदक कर आती थी ,
बैठ मेरी छत की मुंडेर पर ,
वो चीं -चीं का शोर मचाती थी ।
हाँ वो चिड़िया ….याद आई मुझे अचानक,
जी चाहा …. उसको थाम लूँ ,
कैसे …..कहाँ …..कब …खो गयी वो ।
गर्मियाँ आ गयी, अब तो बस अपने घर के अंदर बैठ के ac की हवा अच्छी लगती है,
बाहर जायें तो कही छाँव वाली जगह,
पर एक छोटी सी चिड़िया,
उसके पास न घर, न ac ना पंखा...
बचपन मे बोलते थे, घ से घोंसला
N फ़ॉर नेस्ट
तो कौन बनाता होना वो नेस्ट,
मैं सोचती हूं कि उनका भी होता होना कोई मिस्त्री,
कोई ठेकेदार, कोई कॉन्ट्रेक्टर ,जो उनके घर बनाने का जिम्मा ले,
पर उनके घर कोई क्यों बनाये,
उनके पास तो होता भी नही होगा कुछ उनको देने के लिए,
न पैसे, न अनाज,
तो क्या वो अपना घर खुद बनाती है,
ऐसी खोज मे मैंने देखि कुछ अद्धभुत कला,
घोसला बनाने की
वो नन्ही सी ले आयी तिनका तिनका उठा के,
छोटी सी चोंच मे दबा के,
रखेगा उसे वो बचा के धुप कभी बरखा से,
सलाम उस चिड़िया के जज्बे को,
जो मेरे बचपन में फुदक कर आती थी ,
बैठ मेरी छत की मुंडेर पर ,
वो चीं -चीं का शोर मचाती थी ।
हाँ वो चिड़िया ….याद आई मुझे अचानक,
जी चाहा …. उसको थाम लूँ ,
कैसे …..कहाँ …..कब …खो गयी वो ।
गर्मियाँ आ गयी, अब तो बस अपने घर के अंदर बैठ के ac की हवा अच्छी लगती है,
बाहर जायें तो कही छाँव वाली जगह,
पर एक छोटी सी चिड़िया,
उसके पास न घर, न ac ना पंखा...
बचपन मे बोलते थे, घ से घोंसला
N फ़ॉर नेस्ट
तो कौन बनाता होना वो नेस्ट,
मैं सोचती हूं कि उनका भी होता होना कोई मिस्त्री,
कोई ठेकेदार, कोई कॉन्ट्रेक्टर ,जो उनके घर बनाने का जिम्मा ले,
पर उनके घर कोई क्यों बनाये,
उनके पास तो होता भी नही होगा कुछ उनको देने के लिए,
न पैसे, न अनाज,
तो क्या वो अपना घर खुद बनाती है,
ऐसी खोज मे मैंने देखि कुछ अद्धभुत कला,
घोसला बनाने की
वो नन्ही सी ले आयी तिनका तिनका उठा के,
छोटी सी चोंच मे दबा के,
लगी बुनने वो जैसे हो कोई कलाकार वो,या कोई विद्वान,
जिसने ली है शिक्षा,या उसके पास है कला कुछ बुनने की,
शुरू किया उसने बनाना अपना घर, छोटी छोटी ईंटो से,
होंगें उसके मन मे भी अरमान कई,
सोचती रोज़ शाम यही अपने घर से देखेगी वो ढलता सूरज,
सलाम उस चिड़िया के जज्बे को,
"वो चिड़िया नही है रूकने वाली ,जिसको कैद कर है रख्खा इरादे उसके है अटूट,मन मे है उड़ने का सपना ! चाहे हो कितनी भी बाधा,ना बदलेगा उसका इरादा आओ हम भी कदम बढाए उस चिड़िया को आजाद कराए
🙇 बेटी बचाएँ बेटी पढाएँ🙇














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